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महाकाल की नगरी ने फिर रचा इतिहास: उज्जैन को राष्ट्रपति द्वारा स्वच्छता सम्मान से किया गया गौरवान्वित, दिल्ली में महापौर और निगमायुक्त ने लिया अवार्ड; सुपर स्वच्छ लीग में देश का दूसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
देशभर में स्वच्छता मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों को आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया। इस गरिमामय आयोजन में मध्यप्रदेश एक बार फिर स्वच्छता की रेस में सबसे आगे दिखाई दिया, और खास बात यह रही कि इस बार महाकाल की नगरी उज्जैन ने देशभर में सुपर स्वच्छ लीग सिटी श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त कर प्रदेश और शहर का नाम रौशन किया।
यह सम्मान उज्जैन नगर निगम के महापौर मुकेश टटवाल और निगमायुक्त आशीष पाठक ने राष्ट्रपति के हाथों प्राप्त किया। यह केवल एक अवॉर्ड नहीं, बल्कि पूरे शहर की जनभागीदारी, समर्पण और स्वच्छता के प्रति निष्ठा का प्रतीक है। निगमायुक्त ने बताया कि इस बार उज्जैन ने स्वच्छता मिशन के तहत निर्धारित एसओपी — स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर — को बेहद गंभीरता और कुशलता से अपनाया। हर गली, हर मोहल्ले, हर वार्ड में टीम वर्क, टेक्नोलॉजी और निरंतर मॉनिटरिंग का तालमेल दिखाई दिया, जिसका परिणाम देश के सर्वोच्च नागरिक द्वारा दिया गया यह सम्मान है।
गौरतलब है कि उज्जैन को 3 से 10 लाख जनसंख्या वर्ग में यह अवॉर्ड प्रदान किया गया है, जो बताता है कि स्वच्छता सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इच्छाशक्ति हो तो हर नगर मिसाल बन सकता है। इस पुरस्कार के तहत अन्य शहरों में इंदौर, देवास, शाहगंज और बुधनी को भी विभिन्न श्रेणियों में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवॉर्ड के लिए चयन की गई श्रेणियाँ थीं:
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सुपर स्वच्छ लीग शहर
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जनसंख्या के अनुसार शीर्ष शहर
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स्वच्छ शहर
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गंगा शहर व छावनी बोर्ड (विशेष श्रेणी)
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सफाई मित्र सुरक्षा
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महाकुंभ
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राज्य स्तरीय पुरस्कार
उज्जैनवासियों के लिए यह सम्मान गर्व और उत्साह का विषय है। यह साबित करता है कि जब प्रशासन और जनता साथ मिलकर एक दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो परिणाम देशभर में गूंजता है। महाकाल की नगरी अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, स्वच्छता की प्रेरणा भी बन चुकी है।